قد تقرر سيدة إجهاض حملها إن حدث بسبب اغتصاب، أو عندما لا ترغب في إنجاب طفل في منزل يشوبه الاضطراب.
ويقول
لارس موسغارد، طبيب محلي من بلدة صغيرة في جنوب غرينلاند : "قد يكون الإجهاض أفضل من إنجاب أطفال يواجهون الإهمال وعدم الرغبة فيهم."
ويشير
مركز الشمال الأوروبي للرعاية والقضايا الاجتماعية إلى أن العنف مشكلة صحية متكررة في غرينلاند، إذ تحدث طالب واحد من بين كل 10 طلاب عن تعرض
أمهاتهم للعنف.
وبخلاف حوادث العنف، يكون الأطفال أيضا ضحايا.
وقالت
ديتي سولبيك، مديرة خطة حكومية لمكافحة الاعتداء الجنسي، لهيئة الإذاعة الدنماركية : "تعرض ثُلث سكان غرينلاند الكبار لشكل من أشكال سوء المعاملة
عندما كانوا أطفالا".
على الرغم من أن وسائل منع الحمل مجانية ويمكن الحصول عليها بسهولة، إلا أن ذلك لا يعني بالضرورة استخدامها.
وقالت بيا لبي بي سي : "لم تتحدث أمي معي عن صحتي الجنسية على الإطلاق، اكتشفت بعض الأشياء في المدرسة أغلبها عن طريق صديقاتي".
وأظهرت
دراسة أجرتها المجلة الدولية للصحة في المناطق المحيطة بالقطب أن الأسر في غرينلاند تؤجل أو تتجنب الحديث عن الصحة الجنسية لأنها تعتبر ذلك من
الموضوعات المحرجة والصعبة.
تسجل غرينلاند، بالإضافة إلى ارتفاع معدلات الإجهاض بها، معدلات انتحار مرتفعة على نحو خاص، بواقع 83 حالة انتحار لكل 100 ألف شخص سنويا، وفقا لبيانات المجلة الدولية للصحة في المناطق المحيطة بالقطب، يمثل الشباب أكثر
من نصف عدد حالات الانتحار في غرينلاند.
ويقول لارس بيدرسن، عالم نفس قضى سنوات في غرينلاند : "في معظم الحالات، يكون أولئك الذين نشأوا في
بيئة تتسم بسوء المعاملة والعنف هم الفئة الأكثر عرضة للانتحار".
أصبحت غرينلاند جزءا من المملكة الدنماركية في عام 1953، كما أصبحت اللغة الدنماركية لغة رسمية، وتغير المجتمع والاقتصاد بشدة.
واضطر
"الإنويت"، أو شعب الإسكيمو وهم السكان الأصليون في غرينلاند ويشكلون 88 في المئة من السكان، إلى إيجاد طرق تكفل التكيف مع مجتمع حديث والحفاظ على
تراثهم الثقافي.
وقال بيدرسن: "انتقلت غرينلاند من مجتمع الإنويت التقليدي، إلى الحياة العصرية. وزاد استهلاك الكحول الذي عزز العنف
والاعتداء الجنسي."
وأضاف : "معظم الناس يعرفون شخصا ما انتحر".
اقترح البعض ضرورة أن تبدأ غرينلاند فرض رسوم على كل عملية إجهاض من أجل خفض المعدل.
وقال آخرون إن السيدات اللواتي يجرين عمليات إجهاض لا علاقة لهن بحقيقة كون عمليات الإجهاض مجانية ويمكن الوصول إليها بسهولة.
وتعد الأرقام في الدنمارك، التي يسهل فيها أيضا إجراء عمليات إجهاض و"بسهولة"، أقل بكثير (12 حالة لكل ألف سيدة).
كانت الطبيبة النرويجية يوهان سوندبي قد عملت في غرينلاند سابقا مع سيدات وأطفال يتعافون من العنف وسوء المعاملة.
وتقول بشأن دفع المرضى تكاليف إجراء العملية : "أنا ضده تماما. إنه سيفتح سوقا غير خاضع للتنظيمات به عمليات إجهاض رخيصة وخطيرة."
يبدأ الشباب في غرينلاند ممارسة الجنس في سن 14-15 عاما، وتقول الإحصاءات الرسمية إن 63 في المئة من الأطفال في سن 15 عام يمارسون الجنس
بانتظام.
وطرحت الحكومة "مشروع الدمية" الذي يتيح للشباب، بالتعاون مع المدارس، نظرة على عواقب إنجاب طفل في سن مبكرة.
ويهدف
المشروع إلى تقليل عدد حالات الحمل غير المرغوب فيه في سن المراهقة، والحد من الأمراض التي تنتقل عن طريق الاتصال الجنسي وزيادة استخدام وسائل منع
الحمل.
ويوفر المشروع دمية أقرب إلى محاكاة الطفل من حيث الشكل للفتيان والفتيات.
إنها طريقة لتعريف الطلاب الذين تتراوح أعمارهم بين 13 و 18 عاما بالمسؤوليات المترتبة على إنجاب طفل.
لكن بغض النظر عن عمر المرأة، لا تتفق ستاين بروين مع فكرة أن الإجهاض يواجه باستخفاف في غرينلاند.
وتقول : "يعتقد معظم النساء أن الإجهاض قرار صعب، ويستغرقن وقتا للتفكير فيه. وإن تأكدن من قرارهن، فمن المحتمل ألا يظهرن أي صدمة".
وتضيف
: "لم أقابل سيدة لا تهتم بالإجهاض، لكن تجربتي تشير إلى أن بعض السيدات لا يكترثن لحماية أنفسهن، ويمكن لبعض العاملين في مجال الرعاية الصحية أن
ينظروا إلى هذا على أنه لا مبالاة."
ويعتقد بيدرسن أن إساءة تقدير
هؤلاء النساء هو بسبب سوء التواصل، وعلى الرغم من أن اللغة الدنماركية هي إحدى اللغات الرسمية، إلا أن الأشخاص الذين يعيشون خارج العاصمة يميلون إلى
التحدث بها بطلاقة أقل.
ويقول لارس بيدرسن: "الكثير من مرضاي لا يتحدثون اللغة الدنماركية بطلاقة والكثير من العاملين في المستشفى لا
يتحدثون لغة غرينلاند بطلاقة".
كما يعتقد أنه لا ينبغي توقع حلول دنماركية لمشاكل غرينلاند.
ويقول
: "نحتاج إلى إعادة التفكير في نقاط تركيزنا. يجب أن يكون التركيز على التصدي لقضايا العنف وسوء المعاملة وإدمان الكحول، وجميعها تعد سببا في حدوث حمل غير المرغوب فيه".
Thursday, May 30, 2019
Monday, May 27, 2019
टेरीजा मे के बाद कौन बनेगा ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री?
ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के इस्तीफ़े की घोषणा के बाद ब्रिटेन में सियासी हलचल बढ़ गई है. अब मे के
उत्तराधिकारी यानी ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के लिए संभावित नामों पर
चर्चा ज़ोर पकड़ चुकी है.
फ़िलहाल 12 से ज़्यादा ऐसे सांसद हैं जिनके प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.जिन पांच नामों के रेस में शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है वो हैं, विदेश मंत्री जेरेमी हंट, पूर्व विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन, स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनॉक, रोरी स्टुअर्ट और एस्टर मैक्वे.
मैट हैनॉक ने कहा है कि टेरीज़ा मे के उत्तराधिकारी को ब्रेग्ज़िट सौदे पर सहमति बनाने के लिए ज़्यादा 'ईमानदार' होना पड़ेगा.
हैनॉक ने अपनी उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए कहा कि वो तुरंत आम चुनाव कराए जाने के पक्ष में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव कराए जाने से ब्रेग्ज़िट मसले का हल नहीं निकलेगा और ये देश के लिए 'भयावह' होगा.
वहीं रोरी स्टुअर्ट ने कहा है कि वो बोरिस जॉनसन के नेतृत्व में काम नहीं करेंगे क्योंकि ब्रेग्ज़िट को लेकर उनके रवैये से वो सहमत नहीं हैं
स्टुअर्ट ने कहा कि सभी नेताओं और सांसदों को ब्रेग्ज़िट मामले पर सच बोलने की ज़रूरत है.
स्टुअर्ट ने बीबीसी से कहा, "मुझे ये कहते हुए बहुत दुख हो रहा है लेकिन मैं उनकी (बोरिस जॉनसन की) अगुवाई में काम नहीं कर सकता. बोरिस में कई ख़ूबियां हैं और मैंने उनसे कुछ दिन पहले ही बात की थी. तब उन्होंने कहा था कि वो बिना किसी डील के ईयू से बाहर नहीं निकलेंगे लेकिन अब वो ठीक इसका उल्टा बोल रहे हैं. कल उन्होंने जो कुछ कहा, वो हमारे देश और हमारी अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगा."
बोरिस जॉनसन वही शख़्स हैं जिन्होंने साल 2016 के जनमत संग्रह के दौरान- 'लीव कैंपेन' यानी यूरोपीय संघ से अलग होने के अभियान का नेतृत्व किया था.
अब जॉनसन ने कहा है कि अगर सत्ता उनके हाथों में आई तो ब्रिटेन अक्टूबर में किसी समझौते के साथ या समझौते के बिना भी यूरोपीय संघ से बाहर हो जाएगा.
वहीं यूरोपियन कमीशन के अध्यक्ष ज्यां क्लॉड यंकर ने स्पष्ट कर दिया है कि ब्रेग्ज़िट की प्रक्रिया पूरी करना यूरोपीय संघ की प्राथमिकता है.
टेरीजा मे ने इस्तीफ़े का ऐलान शुक्रवार को ही कर दिया लेकिन वो पद 7 जून को छोड़ेंगी. नया प्रधानमंत्री चुने जाने तक वो पद पर बनी रहेंगी.
उन्होंने कहा कि उन्होंने 2016 में हुए जनमतसंग्रह के परिणाम का सम्मान करने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन ब्रेग्ज़िट में क़ामयाब न हो पाने का उन्हें 'गहरा दुख' रहेगा.
मे ने ये भी कहा कि यह देश के हित में होगा कि अब नया प्रधानमंत्री ब्रेग्जिट सौदे के लिए समर्थन के प्रयासों को जारी रखे.
वहीं, प्रमुख विपक्षी लेबर पार्टी के जेरेमी कॉर्बिन समेत कई नेताओं ने मांग की है कि टेरीजा मे के पद छोड़ते ही आम चुनावों का ऐलान होना चाहिए.
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